plus Hindi Poem on 50th Wedding / Marriage Anniversary ~ NR HINDI SECRET DIARY

Hindi Poem on 50th Wedding / Marriage Anniversary



1. ५० वी सालगिरह पे हिंदी कविता 



यह रिश्तो की बगिया है
खिला खिला हर एक फूल है
हाथ थामे एक दूसरे का
देखो कैसे बना घर कल्पवृक्ष है।

आओ Introduce करते हम बारी बारी है
सबसे पहले दादा दादी सुनाये आपकी कहानी है।

वृक्ष हो आप
हम सब फूल है आपके
नन्हे नन्हे थे कभी हम
पर आज बने ढाल आपकी है।

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हमे वो बीते दिन याद आते है
बचपन की वो गलिया याद आती है
मेरा रूठना और दादी आपका प्यार से मुझे मनाना
दादा आपकी उंगली थामकर मेरा यू इठलाना
चलो फिर याद करते है वो प्यार भरे दिनों को
जहा प्यार, प्यार और सिर्फ दादा दादी आपका प्यार था।

आसमा में जितने चांद सितारे है
उतनी उम्र आपकी हो
खुशिया सिर्फ नग्मे सुनाती रहे
बस यही दुआ हम सबकी है।

लोग कहते है उम्र के साथ प्यार के रंग फीके पड़ जाते है
पर हमारे दादा दादी को देख क्यों वक़्त चुप हो जाता है
वो ही प्यार और वो ही मस्ती का समा फिर दिख जाता है
जब दादी के मायके से भाई या बहन का फ़ोन आता है।
और दादा प्यार से कहते है
लो Brother का Call आया है
एक Cute सी Smile दादी के चेहरे पे आती है
क्योंकि दादा को फिर चिढ़ाने का मौका मिल जाता है।

एक पल भी एक दूसरे के बिना कहा रह सकते है
अगर दादा शिविर में हो तो वो दादी के जेहन में होते है
हँसी भी उनके साथ होती है
उनके लौटने पे जैसे मुस्कुराहट फिर आंगन में हलचल मचाया करती है
कम बोलते है पर ध्यान दादी का सबसे ज्यादा रखते है
मेरी दादी भी दादा के बिना एक पल भी कहा रह पाती है।

अब चलते है आगे, Introduce कराते है
उनका
जो खुसबू सी है, महक आंगन की है
बात मानते दादा दादी उन्ही की है
भाभी की सखा, भाइयो की मुस्कान सी है
जो वो कह दे बस वही Final है
हम सबकी प्यारी वो ...... है।

अब चलते है आगे
जिनके लिए शब्द नही, मस्त उनका अंदाज़ है
Nature जिनका Helping है, उपलब्धि उनकी कहती कहानी है
वो तो इस घर के बड़े बेटे है
प्यार से कहते है हम Jijaji उनको।

सरल है, शांत है पर कार्य करने में बड़े सजग है
आवाभगत में अवल है पर डाइट पे बड़ा Concentration है
घर की शान है, इस घर के बड़े वो बेटे है
प्यार से कहते हम ......... है।

अब मिलवाते है उनसे
मस्त जिनका अंदाज़ है
बिंदास, खुशमिज़ाज़, मस्तीखोर वो इंसान है
किसी को बातो में उलझाना कोई इनसे सीखे
इस घर के छोटे बेटे, जिन्हें कहते हम ....... है।

अब मिलवाते है उन फूलो से जिनसे महका यह उपवन है
सुबह की चाय, दोपहर का अलार्म और शाम की थकान को करे जो कम है
कोन कहता है वो देवरानी जेठानी है
प्यार तो उनमें बहन जैसा है
कोई भी काम हो वो एक साथ ही करते है
खुशियो का संसार मिलकर जिसने सजाया है
अलग अलग डाली है पर फूल एक जैसा है
वो इस घर की बहुए ममी और चाची है।

अब चलते है आगे----

मिलवाते परिवार की खिलती हुयी कलियों से है
जो कल किसी और घर को जाने वाली है
खुसबू की तरह किसी और आंगन में भी महक फैलाने वाली है।

जो बहुत समझदार है
शांत जिसका स्वभाव है
सबकी problem को सुनती है
चुटकियों में solution भी कर देती है
इस घर की बड़ी दोयती है वो
.... प्यार से सब उन्हें कहते है।

अब बात करते है उनकी
Meditation में जिनका रहता मन है
मेरी दी भी कहा कम है
दिन भर कुछ न कुछ करना उनकी हॉबी है
मस्त, बिंदास और खुशमिज़ाज़ रहना उनकी जीवनशैली है।

जो बड़ी भावुक है,
प्यारी सी इस घर की सबसे छोटी बिटिया है
जो सबकी लाडली है
पर केअर करती पापा जैसे है।
प्यार से कहते उसे ..... है
पर इन्हें देख के लगता है बिटिया अब बड़ी हो गयी है।

अब मिलते है उनसे
जिनका माइंड बड़ा Sharp है
Knowledge जिसकी Vast है
जो all राउंडर है
इस घर की शान, हम सबकी पहचान
वो ...... भैया है।

अब बात करू उसकी
जिसका दिमाग चलता घड़ी से भी तेज है
जो जहा पहुच जाए मचा दे वहां धमाल है
सबका लाड़ला घर का दोयता है
प्यार से सब .... उसे कहते है।

पढ़ाई से ज्यादा कुकिंग में रहता जिसका इंटरेस्ट है
Cake और Cookies बनाता जो लाजवाब है
इस घर के छोटे सेफ है
प्यार से कहते हम ........ उनको है।

जो सबसे छोटा है
और बोलता इतना मीठा है कि बस सुनते जाओ
लाडला है, सबका प्यारा है
दादी दादी की आंखों का तारा है
वो है ........... हमारा।

अब मिलवाते है घर के उन नए सदस्यों से
जिनके आने से एक नई रौनक आ गयी है
किसे के चेहरे पे स्माइल आ गयी है
कवर्सा है घर के, पर बेटे बन के आये है
आपके आने से तो फूलो में भी महक आ गयी है।



२. शादी की सालगिरह मुबारक कविता 


एक दिव्य प्रकाश का दिव्य हाथों हो रहा पदार्पण है
ज्योत से ज्योत सजी सज गया घर का   प्रांगण है
झिलमिल सितारे सारे करते आपको नमन है
दादोसा दादीसा आपके चरणों मे हम सबका कोटि कोटि वंदन है।

खुशिया नग्मे बिखेर रही है
दबे दबे पावो से कुछ कह रही है
शायद आज दिन कोई खास है
आज तो मेरे भुआसा भरोसा की 50 वी सालगिरह है
दिल से आपको बधाइयां देते है
अपनी पंक्तियों में आज आपका जिक्र करते है।

8 भाई बहनों में सबसे बड़े आप हो
सब आपको मानते माँ समान है
कोई भी काम छोटा हो या बड़ा
आपके आशीर्वाद से ही शरू होता है
भुरोसा आप तो पिता समान हो
हर निर्णय पे राय आपकी ही तो ली जाती है।
सबको साथ लेकर चलते हो
इस घर के मुखिया भुआसा भुरोसा आप ही तो हो।

भुआसा आप जब भी घर को आते हो
तो रौनक घर मे छा जाती है
भाई के चेहरे पे मुस्कान
और भाभी पकवान बनाने में लग जाती है।

परेशानी घर मे किसी को भी हो
पहला कॉल आपका ही आता है
समाधान चुटकियों में निकाले
भुरोसा को यह बखूभी आता है।

क्या कहु भुआसा भुरोसा आपके बारे में लफ्ज़ भी कम पड़ गए है
आप तो वो फूल हो जो हर बाग में कहा खिलते है
बस इतना ही कहकर अपनी पंक्तियों को विराम देना चाहुगी
भुआसा भुरोसा आपकी छत्रछाया हमे युही मिलती रहे
            और 
खुशीया अपने नग्मे बिखेरती रहे।
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