plus Poem on Mother in Hindi-मेरी माँ कविता ~ NR HINDI SECRET DIARY

Poem on Mother in Hindi-मेरी माँ कविता


Poem on Mother in Hindi-मेरी माँ कविता


ममता के सागर में, प्यार की जहाज़ में
खुशियो के धरातल में,अपनेपन के वृक्ष में
अम्बर के सितारों में, सुसंस्कारों की छाव में
गगनचुम्बी इस दुनिया का अलौकिक सितारा है माँ।

है शुभाशीष वचन उनके, दिल मे प्रेम का ही वास है
करुणा की वो अनुपम मूर्ति, देवताओ का पैरो में वास है
सहा इस दुनिया में बहुत कुछ, हमारी खुशयाली उन्ही का राज़ है
उनके पैरों में तो महक रहा स्वर्ग सा जहांन है।

पाया जिन्होंने उनका आशीर्वाद, नाकाम न रहा जिंदगी में वो कभी
पाया बहुत कुछ और सबसे अनमोल रत्न मिला उसे माँ है
झुक जाता पूरा कायनात माँ के पावन चरणों मे
उनके पावन चरणों को जिसने छू लिया उसी ने पाया जन्नत है।

किताबो में रोज़ पड़ते माँ की प्रेम कथाओं को
राम, लक्ष्मण, श्रवण जैसे आज्ञाकारी शिष्यों की कहानियों को
माँ एक ऐसी शीला है जिसे कोई तोड़ नही सकता है
माँ जैसे अलौकिक शीला को कोई तोड़ नही सकता।

माँ के चरणों मे ही जन्नत है और माँ के चरणों मे ही भगवान है
जो माँ की तन मन से सेवा करता उसका होता बेड़ा पार है माँ जैसा इस दुनिया मे और कोई नही है
माँ जैसा अलौकिक सितारा हर किसी के नसीब में नही।

माँ के दर्शन होते ही मिट जाते सारे रोग है
उनकी मुस्कुराहट से फलते फूलते इस दुनिया के लोग है
उनकी कुर्बानियों को कहने लगु तो कितने काल व्यतीत हो जायेंगे
माँ जैसे अलौकिक सितारे को मेरा कोटि कोटि प्रणाम है।
Previous
Next Post »

No comments:

Post a Comment