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Hindi Poem on Flower-फूल पर कविता

Hindi Poem on Flower-फूल पर कविता 

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Hindi Poem on Flower-फूल पर कविता 

रंगों से रोज़ नहाते है
मिट्टी में ही अपना घर बनाते है
पर अपनी खुश्बू से
दुनिया को भी अपना बनाते है
न कोई लिपस्टिक न कोई पाउडर
फिर भी इतने आकर्षित होते है
यह फूल ही तो है
जो जीवन मे रंग भरते है।

सीमित आहार पानी है
फिर भी नही करते शिकायत है
कभी कुछ नही कहते है
तपन और ठंड को भी सह जाते है
इनसे कौन पूछता है
तुम्हे किसी चीज़ की कमी तो नही है
यह फूल ही तो है
जो जीवन मे रंग भरते है।

किसी से नही यह जलते है
न किसी को कभी कुछ कहते है
अपने मे मस्त होते है
खुशी चहु और फैलाते है
धरती को स्वर्ग बनाते है
यही संदेश हमे रोज़ रोज़ देते है
यह फूल ही तो है
जो जीवन मे रंग भरते है।

Natural beauty से हम खिंचे चले आते है
फूलो के बीच बैठ हम relax हो जाते है
उनके सौंदर्य पे हम टिपण्णी किया करते है
तब फूल भी अकेले में कही बार मुस्कुराया करता है
और सीना तान के कहता है
में दुनिया मे सबसे खूबसूरत हु
यह फूल ही तो है
जो जीवन मे रंग भरते है।

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