plus Prayers in Time of Epidemic ~ NR SECRET DIARY

Prayers in Time of Epidemic

Prayers in time of epidemic, poem on corona, epidemic poem in hindi,prayer poem on mahamari
Prayers in Time of Epidemic



क्यों मूरत बन के बैठा है
रब देखा तेरी आज मेहर है
विडंबना आ पड़ी है
क्या अपने भक्तों को तू भूल बैठा है।

बैठ गए किनारे पे साहिल

मरती बिरिया जीव हर रोज़ है
लाशों को कंधे भी नही मिल रहे है
इसका भी हमे अफ़सोस है।

दहशत से सजा आज बाज़ार है

सड़के हुई आज वीरान है
भय मचा रहा दिल मे शोर है
परिवार की चिंता में डूबा आज का परिवेश है।

आज तेरे दर पर आयी हु

तुझसे कुछ मांगने आयी हु
अब बस खात्मा कर रोगों
ईश्वर आज तुझे धरती पे बुलाने आयी हु।

तेरे भक्त कर रहे आज पुकार है

मुश्किल में जहांन है
दिखा अपना चमत्कार है
अपनी मौजूदगी का दे आज तू एहसास है
Previous
Next Post »

No comments:

Post a Comment