plus Love And Marriage Love Story in Hindi ~ NR HINDI SECRET DIARY

Love And Marriage Love Story in Hindi

True Love And Marriage Love Story in Hindi


Love And Marriage Love Story in Hindi , love story in hindi
Love And Marriage Love Story in Hindi 

प्यार वो एहसास है जिसका अपना अलग ही अंदाज़ है 
एक खुशबू बिखेरी खूबसूरती का जहां है 
खुसनसीब होते जिन्हे मिलता सच्चा प्यार है 
एक दूसरे के प्रति समर्पित होते सारे वहा संस्कार है। 

रीत और राज़ एक दूसरे के लिए ही बने हुए थे। राज़ रीत से बेहद प्यार करता था। वो एक पल भी रीत के बिना रह नहीं सकता था, इतना ही नहीं वो रीत के लिए सब कुछ दांव पे लगा सकता था। राज़ एक अमीर घराने से था और रीत एक मध्यमवर्गी परिवार से थी। राज़ ने रीत को एक नज़र में ही पसंद कर लिया था और रीत ने ख़ुशी ख़ुशी शादी के लिए हां कर दी थी। 

राज़ रीत को बहुत खुश रखता था। उसकी हर छोटी बड़ी ख़ुशी का ध्यान रखता था। रीत भी राज़ से बेहद प्यार करने लगी थी। पर कहते है न ख़ुशी के साथ दुःख भी दस्तक देता है। तब मुश्किल कांटे बन कर रास्ते में  
खड़ी हो जाती है। राज़ के ऊपर काम का अधिक भार होने के कारण वो अब चिड़चिड़ा होने लगा था।  छोटी छोटी बातो पे रीत को डांटने लगा था और रीत उदास सा मुँह लेकर घर के किसी कोने  में जाकर आंसूं बहाने लगी थी, पर राज़ को तो रीत को मनाने के लिए भी वक़्त नहीं होता था। एक दिन राज़ के कुछ ऑफिस के फाइल पे गलती से रीत ने पानी गिरा दिया, जिस कारण राज़ ने रीत को बहुत खरी खोटी सुना दी, इतना ही गुस्से में उसने रीत को घर से जाने के लिए भी कह दिया। 

राज़ गरमागरमी में ऑफिस चल दिया पर रीत के मान सम्मान को अंदर ही अंदर उसने तोड़ दिया था। एक औरत के लिए पति के आँखों में उसके लिए सम्मान बहुत मायने रखता है। रीत ने अपना बैग बांधा और चल दी एक अनजान रास्ते पे, जाना कहा है उसे खुद नहीं पता था। 

पर रीत को क्या पता था राज़ को छोड़ के जाना उसकी जिंदगी का सबसे गलत फैसला था। कुछ वक़्त आगे जाने पे उसे एक पति पत्नी मिले जो उसे रोता देख उसका दुःख बाटने आ गए। और उससे फिर मीठी बातें करने लगे और उसे अपनी बेटी कहकर अपने घर ले आये। 

रीत को क्या मालूम था की वो कहा आ गयी है।  चकचोँद की दुनिया में अब वो चुकी थी।  अगली सुबह वो औरत उसके पास आयी, आज उसका मिज़ाज़ थोड़ा अलग था।  उसने रीत को कहा, ऐ लड़की! बंद कर अब ये रोना धोना, तुझपे तरस खा के तुझे एक हफ्ता दे रही हु, खुद ही मैदान में उतर जाना वर्ना जबरदस्ती करनी हमें भी आती है। 

रीत के पैरो तले की जमीन ही खिसक गयी थी। वो बहुत रोई पर आज उसके आंसूं पूछने वाला कोई नहीं था। इधर एक हफ्ता भी गुजरने को आया था। फिर एक शाम को तो वो हुआ जिसने उसे अंदर ही अंदर हिला के रख दिया था। 

उसे दुल्हन की तरह सजाया गया। आज उसपे बोली लगने वाली थी। शाम का  आखिरी पहर आया और उसे सुन्दर से कमरे में लेजा कर दो चांटे जड़ के मूर्ति बनाकर बैठा दिया और चुप रहने को कहा और अपनी इस नयी  जिंदगी को चुपचाप स्वीकार करने को कहा। 

वो डरी हुई, काँपी हुई, बिस्तर पे सिमटी हुई बैठी थी। तभी दरवाज़े से एक आवाज़ आयी।  वो अम्मा की आवाज़ थी, और उसके साथ एक आदमी जिसने उसपे १ लाख की १ रात की बोली लगाई थी। अम्मा जाते जाते उस आदमी से कह गयी, नया माल है, ध्यान से!! 

रीत अब सिमट रही है, भय और डर आज उसके आँखों में साफ़ झलक रहा था। तभी वो आदमी उसके पास आया और उसके दोनों हाथ पकड़ लिए। रीत तो जैसे काँपने लगी थी। तभी उसने रीत का चेहरा ऊपर किया, तो रीत जैसे शांत हो गयी थी। उसके आँखों में से आंसूं बहने लगे क्यूंकि वो और कोई नहीं, उसका पति राज़ था। 

राज़ ने रीत पे बहुत गुस्सा किया और उसे दो चांटे भी लगाए, फिर अपने बाहों में कसकर पकड़ लिया और उसे अब हिम्मत रखने को कहा। तब रीत ने राज़ से माफ़ी मांगी, तब राज़ ने रीत से कहा गलती तुम्हारी नहीं मेरी है। मुझे तुमसे ऐसा बर्ताव नहीं करना चाहिए था। तुम्हारे जाने के बाद मेरी जिंदगी को जैसे खत्म ही हो गयी थी। तुम्हे पागलो की तरह इधर उधर ढूंढा तब जाके मेरी तलाश पूरी हो पायी है। पर आज वक़्त पे तुम्हारे पास नहीं पहुंच पाता तो पूरी जिंदगी खुद को कोसता रहता। 

राज़ ने रीत के आंसूं पूछे और जो कुछ उसके साथ घटित हुआ उसके लिए रीत से माफ़ी मांगी फिर उसने किसी को फ़ोन किया और पूरी घटना बतायी। कुछ ही देर में वहा पुलिस की गाड़िया आ गयी थी। तब राज़ रीत को लेकर बाहर आया। इतना ही राज़ ने रीत के सामने उस अम्मा को दो चांटे लगाए क्यूंकि एक औरत होकर भी एक औरत का दर्द न समझ पायी थी। 

राज़ रीत को लेकर घर आ गया था फिर तीखी नज़रो से पूछा! रीत एक बात तो बताना तुम किसी के साथ! क्यों न एक बार टेस्ट कर लेते है। रीत तो रोने लग गयी थी। तभी राज़ ने कहा मैडम! मज़ाक कर रहा हु, तुम जैसी कल थी वैसी ही आज हो, जितना प्यार था कल तुमसे उससे कही ज्यादा प्यार आज है तुमसे! राज़ ने रीत को कभी न खुद से दूर जाने की नसीयत दी और प्यार से फिर गले लगा लिया था। 
Previous
Next Post »

No comments:

Post a Comment