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Corona Virus Poem in Hindi





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Corona Virus Poem in Hindi

दिन वो फिर आये है,
उदासी चेहरे पे छायी है
अकेला कोना मिले सिमटने को
देखो कोरोना कैसा आया है।

दूर रहना सबसे है
किसी को अब touch न करना है
एक बिछोना मिला बस सोने को
देखो कोरोना कैसा आया है।

तुम्हे कोरोना तो नही है
बुखार से तप रहा तुम्हारा बदन है
दो बर्तन मिले बस खाने को
देखो कोरोना कैसा आया है।

परहेज में प्रेम छिप गया गया
यू लगा जैसे बेदखल कर दिया है
लेकर उदास सा मन को
देखो कोरोना कैसा आया है।

वक़्त आगे निकल गया है
पर पीछे कोनसा रोग छोड़ गया है
घर ही आज हुआ safe है
देखो कोरोना कैसा आया है।

मंदिर, मस्ज़िद में जाना नही है
Social distancing का आज trend है
पूरी दुनिया मे छाया ख़ौफ़ है
देखो कोरोना कैसा आया है।

कठघरे में खड़े देश की मांग है
इंसान समझे इस का विज्ञान है
हम ही बदल सकते इस हवा का रूख है
देखो कोरोना कैसे आया है।

महामारी हर सवाल का जवाब है
हमने ही तो प्रकृति को किया बेहाल है
आज हमारे अत्याचार का वो दे रही मुँहतोड़ जवाब है
देखो कोरोना कैसे आया है।

रब अब तेरा इंतज़ार है
भक्त कर रहे तेरी पुकार है
मुश्किलो में जहां है
अब दिखा तू अपना चमत्कार है।
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