plus Hariyali Teej Poem ~ NR SECRET DIARY

Hariyali Teej Poem


Hariyali Teej Poem, Hindi Poem on Hariyali Teej, Hariyali Teej Kavita
Hariyali Teej Poem

हरियाली की चादर ओढ़े 
        देखो सावन कैसे बरसा है 
रंग बिरंगे परिधानों में 
        देखो मन कैसे मचला है। 

आखिर क्या खास इस त्यौहार में है 
        जो इसकी हो रही इतनी चर्चा है 
शिवजी और पार्वती का अद्भुत मिलन 
        हरियाली की बाहों में सोने को मन तरसा है। 

हरियाली को समटे प्रकृति मुस्कुरा रही है 
        पहला सावन मायके में, बेटी हरियाली तीज मना रही है। 
पति के इंतज़ार में विरहणी कजरी गा रही है 
        पपैये के समान विदेश में बैठे पति को संदेशा पहुंचा रही है। 

बहुत ही खास तीज का त्यौहार है 
       पति के आगे ही झुकता हर पत्नी का सम्मान है 
कर के समर्पित कुमकुम,रोली,मेहँदी 
        हरियाली के बाहों में फिर पत्नी करती विराम है। 
Previous
Next Post »