plus Poem-Surat Fire Tragedy ~ NR HINDI SECRET DIARY

Poem-Surat Fire Tragedy

Poem-Surat  Fire Tragedy, Hindi Poem
Poem-Surat  Fire Tragedy

अँधेरी गली के अँधेरे रास्तो में जिंदगी खोने वाली थी 
किसे पता था अगले ही पल क्या होने वाला था 
आभास माँ को हो गया था कुछ तो होने वाला था 
पर उस बेचारी को यह थोड़ी पता था वो अपने ही लाल को खोने वाली थी 

वो सूरत की दमखल दीवारों से गूंज जब आने लगी थी 
जब आग की लपटों से नादानी जुझने लगी थी 
इतना खौफनाक दृष्य देख आसमा भी रो पड़ा था 
फिर इंसान तो खुद को रोक नहीं पाया था 

भीड़ बन इंसानियत सहारा बन गयी थी 
लहरों से टकराने वालो का किनारा बन गयी थी 
पर उनका क्या हुआ जो बंद दीवारों की बंद खिड़कियों में कैद हो गए थी 
माँ माँ बोल जलती हुए ज्वाला में भस्म हो गए थे 

दिल माँ बाप का बहुत रो रहा होगा 
पूरा देश आज मातम मना रहा होगा 
फिर एहसास का यह डोर टूट गया होगा 
और जिंदगी अँधेरी रास्तों में खो गयी होगी .........

RIP
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