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Love story in Hindi-पर्सनल सेक्रेटरी का वो पद


कहानिया कभी ख़त्म नहीं होती वो तो जिंदगी के आखिरी पल तक चलती रहती है..  
Love story in Hindi, Hindi Kahani
Love story in Hindi

ऋतिक और रिया कॉलेज में एक दूसरे के सहपाठी थे। दोनों एक दूसरे को बेहद पसंद करते थे। पर दोनों ने अपने प्यार का इजहार नहीं किया क्यूंकि दोनों को डर था की कही यह एक तरफ़ा प्यार तो नहीं। बस इसी डर में कॉलेज के तीन साल निकल गये। आज कॉलेज का आखिरी दिन था , आज दोनों के रास्ते अलग हो गये थे। 

दोनों अपनी जिंदगी में व्यस्त हो गए।  रिया को पास ही किसी कंपनी में नौकरी मिल गयी थी वही ऋतिक को एक बहुत बड़ी कंपनी में नौकरी मिली थी। समय बीतता गया और ऋतिक ने अपनी एक कंपनी खोल दी। आज ऋतिक के सपनो को पंख लग गए थे और अरमानो को एक नयी दिशा मिल गयी थी। 

ऋतिक की कंपनी ने रफ़्तार पकड़ ली थी और वही रिया जिस कंपनी में काम करती थी वहा लाखों को घाटा हो गया था और उसे कंपनी से बाकि कुछ कर्मचारी के साथ  निकाल दिया था। अब वो निराश हो गयी थी।  अगले ही दिन अख़बार में मयूर स्टील्स का विज्ञापन पढ़ जहा पर्सनल सेक्रेटरी की जरुरत थी वो खुश हो गयी थी। 

अब वो मयूर स्टील में साक्षात्कार की  लम्बी कतार को देख ठिठक गयी थी पर फिर उसने सोचा जब आ ही गयी हु तो एक बार किस्मत को आजमा लेती हु। आगे क्या होने वाला था इस बात से अनजान कतार में लगी अपना नंबर आने का इंतज़ार कर रही थी। अब उसका नंबर आ गया था। अंदर से घंटी बजी और रिया ने द्वार खोला और पूछा  May I comin Sir??     ऋतिक ने कहा YES!!   उसने अपनी फाइल ऋतिक को थमाई और उसकी नजर फिर वही ठहर गयी। ऋतिक उसे और वो ऋतिक को दोनों एक दूसरे को निहारते रहे। फिर ऋतिक ने रिया को बैठने को कहा पर उसके हाथ से तो मेज पर पड़ा  पेन स्टैंड गिर गया। दोनों पेन उठाने में लग गए और ऋतिक ने रिया को कहा तुम्हारी गिराने की आदत अभी तक नहीं गयी है और दोनों खिलखिलाकर हस पड़े। 
पर आज मानों रिया को देख वो खुद को रोक नहीं पाया और अपने प्यार का इजहार कुछ इस अंदाज में किया।  रिया आज तुम इस कंपनी में पर्सनल सेक्रेटरी की पद के लिए आयी हो पर क्या तुम हमेशा के लिए मेरी  पर्सनल सेक्रेटरी बन के रहना पसंद करोगी। तुम्हारी हर ख़ुशी का ध्यान रखुगा। तुम्हारे साथ कदम से कदम मिला कर पूरी जिंदगी साथ चलुगा। तुम्हे पता है एक दिन भी ऐसा नहीं था जिस दिन तुम्हारी तस्वीर से बात नहीं की अब तुम्हे जिंदगी भर के लिए अपना बनाना चाहता हु। क्या तुम्हे मंजूर है। रिया हस पड़ी। ऋतिक को थोड़ा अजीब लगा। पर रिया ने ऋतिक को गले लगा लिया और कहा इतनी से बात कहने में इतना वक़्त लगा दिया। और वो चुप हो हो गयी। ऋतिक ने रिया को अपनी और खेंचा और उसके होठों को अपने होठों से छुहा और दोनों फिर एक दूसरे की बाहों में थे। 

फिर जिन्द्गगी एक नयी  कहानी लिखने वाली थी और किस्मत ने प्यार करने वालो को मिला दिया था और प्यार के परिंदे आज एक हो गए थे। 


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