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                                              सफर ऐ आलम जिंदगी


Article in Hindi on Success, Hindi Article
Article in Hindi on Success


खूबसूरती बिछाती जिंदगी मानो कुछ कह रही थी। ये हवाये ये बहारे हिलोरे गा रही है। ये लहरे ये नज़ारे नगमे सुना रही है। ये नदी, ये पहाड़, ये वादिया मानो कुछ गुनगुना रही है।  ये सरोवर, ये झीले शायद कोई कहानी सुना रही है।

'' इंतमान से  बैठ ये जिंदगी
        जाना तुझे कहा है
   काफिरों की दौड़ में
        तुझे वक़्त कहा है। ''

सफर ऐ आलम जिंदगी बस चलने का नाम है, दुनिया की दौड़ में भागने का नाम है, जो रुकता है यहाँ वो पीछे छुट जाता है यहाँ तो वो ही बादशाह बनता है जो बिना थके मंज़िल तक पहुंच जाता है।  पथराव तो बहुत है रास्ते में मंज़िल पास नहीं है, सिकंदर की बस्ति में घुसना आसान नहीं है।

सफर ऐ आलम जिंदगी तू चल, तू सिर्फ चल मंज़िल खुद चल के आयेगी, जशन हम साथ निभायेंगे।  बस हारना मत, किस्मत कभी तो रास्ता दिखायेगी। तू निरंतर प्रयास कर क्यूंकि प्रयास से बनता है विश्वास, विश्वास से जुड़ते कामयाबी के तार और इसी कामयाबी से  इंसान में होता काबिलियत का आगाज़ है।

'' चल रही है जिंदगी
         सपने भी बुन रही है
   ख्वाहिशो के आंगन में
         फिर कोई ख्वाब देख रही है
   अरमान भी अपना होगा
         अगर कोशिश सच्ची होगी
   सिकंदर की बस्ती में
         फिर अपनी भी एक कश्ती होगी। ''

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